Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दतिया मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के पद पर हुई चयन प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने चयनित अभ्यर्थी की अपील को खारिज करते हुए एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-8cb25915
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के पद पर की गई नियुक्ति को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक अहम फैसला दिया है। अदालत ने चयनित अभ्यर्थी एसएमटी. विजी अवस्थी द्वारा दायर की गई रिट अपील को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाल 2018 में जारी हुआ था विज्ञापन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा कानूनी विवाद 3 अक्टूबर 2018 को निकाले गए नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के एक पद के विज्ञापन से शुरू हुआ था। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद 8 मई 2019 को परिणाम घोषित किए गए थे, जिसमें विजी अवस्थी ने 79 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। वहीं, इस प्रक्रिया में 75 अंक प्राप्त करने वाली प्रतिवादी नंबर-8 को प्रतीक्षा सूची में रखा गया था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचयन सूची सामने आने के बाद प्रतीक्षा सूची वाली अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट की शरण ली और विजी अवस्थी के चयन को चुनौती दी। याचिका में चयनित अभ्यर्थी की पात्रता और चयन के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपीएचडी के अंक और आयु सीमा पर उठी थीं आपत्तियां Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयाचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि विजी अवस्थी को पीएचडी के लिए 10 अतिरिक्त अंक दे दिए गए, जबकि यह शैक्षणिक योग्यता इस पद के लिए अनिवार्य नहीं थी। इसके अलावा उनकी उम्र को लेकर भी मुख्य आपत्ति दर्ज कराई गई थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदस्तावेजों के मुताबिक, निर्धारित कटऑफ तिथि यानी 1 जनवरी 2019 को विजी अवस्थी की उम्र 46 साल 9 महीने और 4 दिन थी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के 13 जनवरी 2016 के सर्कुलर के नियमों के अनुसार, महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष ही तय की गई थी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडिवीजन बेंच ने स्पष्ट की आयु सीमा की अनिवार्यता Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि तय की गई आयु सीमा किसी भी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए एक बुनियादी पात्रता है। अदालत ने यह भी साफ किया कि केवल चयन प्रक्रिया में शामिल होने मात्र से कोई भी ऐसा उम्मीदवार पात्र नहीं हो जाता जिसकी उम्र निर्धारित सीमा को पार कर चुकी हो। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाईकोर्ट ने तय आयु सीमा से अधिक उम्र होने के तकनीकी आधार पर रिट अपील को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही एकल पीठ के उस आदेश पर मुहर लग गई है जिसमें नियुक्ति को निरस्त किया गया था। इस अदालती फैसले के बाद अब प्रतीक्षा सूची में शामिल प्रतिवादी नंबर-8 की नियुक्ति का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। Add text below Add image below