Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में सोमवार को प्रशासनिक कार्यों के भारी दबाव के चलते दो महिला पटवारी अचानक बेहोश हो गईं। दोनों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-89d4e8c8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले में प्रशासनिक कामकाज और अत्यधिक दबाव के कारण पटवारियों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। सोमवार को इसी तनाव के बीच दो महिला पटवारी अचानक अचेत होकर गिर गईं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसील कार्यालय की बैठक में जाते समय बिगड़ी तबीयत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को अधिकारियों ने तहसील कार्यालय में एक बैठक बुलाई थी। इसी सिलसिले में महिला पटवारी रेनू श्रीवास्तव और सुरभि श्रीवास्तव कलेक्ट्रेट की तरफ जा रही थीं, लेकिन रास्ते में ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर नीचे गिर पड़ीं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम सोनाली राजपूत, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और दोनों महिला कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपटवारी संघ ने लगाया अत्यधिक कार्यभार का गंभीर आरोप Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के बाद पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्वामित्व योजना और अन्य विभागीय कार्यों को पूरा करने के लिए पटवारियों पर भारी दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मैदानी कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजानकारी के अनुसार, बेहोश होने वाली दोनों महिला कर्मचारी रेनू श्रीवास्तव हल्का गुजररा और सुरभि श्रीवास्तव हल्का चिरौली में पर्यवेक्षाधीन पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। संघ का कहना है कि इसी मानसिक और कार्यभार के तनाव के कारण उनकी यह हालत हुई है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने बताया कि प्रदेश स्तर पर यह निर्णय लिया गया था कि जब तक निलंबित साथियों की बहाली और सेवा समाप्ति के आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक काम नहीं किया जाएगा। शासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी के चलते रविवार को प्रांतीय स्तर पर दोबारा पत्र जारी कर आंदोलन को यथावत रखने का फैसला लिया गया था। पटवारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक शासन स्तर से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा। Add text below Add image below