Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया के हायर सेकेंड्री स्कूल नंबर 2 की नई बिल्डिंग मार्च 2026 में बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग ने इसे लेने से इंकार कर दिया है। प्राचार्य ने पूर्णता प्रमाण पत्र दे दिया है जबकि जिला शिक्षा अधिकारी बिना डीपीआर देखे भवन हैंडओवर लेने को तैयार नहीं हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-7b330356
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमार्च 2026 में बनकर तैयार हुई थी नई बिल्डिंग Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया की ठंडी सड़क स्थित हायर सेकेंड्री स्कूल नंबर 2 का नया भवन साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से मार्च 2026 में ही बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने इस नव-निर्मित भवन को अपने अधिकार में नहीं लिया है, जिससे छात्रों को पुरानी व्यवस्थाओं के बीच ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी विभाग ने भवन नहीं स्वीकारा Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस भवन का निर्माण झांसी की बीएसएम कंपनी द्वारा किया गया था। विद्यालय के प्राचार्य रामेश्वर दीक्षित ने इसी साल 23 फरवरी 2026 को निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को कार्य संतोषजनक होने और डीपीआर के मुताबिक काम पूरा होने का प्रमाण पत्र भी सौंप दिया था। इसके बावजूद शिक्षा विभाग तमाम तकनीकी वजहों का हवाला देकर भवन का हैंडओवर लेने से कतरा रहा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों के अपने-अपने तर्क Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। स्कूल के प्राचार्य रामेश्वर दीक्षित का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद इंजीनियर आए थे, जिसके बाद उन्होंने प्रमाण पत्र जारी किया था। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी बिल्डिंग में कुछ काम किए गए हैं और अब विभाग को इसे हैंडओवर ले लेना चाहिए। Add text below Add image below07Quote Paragraph Heading Subheading Quoteकाम होने के बाद इंजीनियर आए थे, तो प्रमाण पत्र दे दिया था। इसके बाद भी बिल्डिंग में काम किए हैं। विभाग को हैंडओवर लेना है। - रामेश्वर दीक्षित, प्राचार्य, हायर सेकेंड्री स्कूल नं. 2 Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, जिला शिक्षा अधिकारी विधा मिश्रा ने प्राचार्य द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र की जानकारी से इनकार किया है। उनका कहना है कि कक्षाओं में ब्लैक बोर्ड तक नहीं लगे हैं और जब तक भोपाल से मंगाई गई डीपीआर का मिलान नहीं किया जाता, तब तक विभाग इस भवन को अपने हैंडओवर नहीं लेगा। Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteप्राचार्य ने प्रमाणीकरण दिया है, इसकी जानकारी नहीं है। कक्षों में ब्लैक बोर्ड नहीं है। बगैर डीपीआर देखे बिल्डिंग अपने हैंडओवर नहीं लेंगे। - विधा मिश्रा, डीईओ Add text below Add image below