Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया पहुंचे राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह यादव ने परिवारों में घटते मानवीय मूल्यों और माता-पिता की अनदेखी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पारिवारिक कलह के ऐसे मामले आयोग तक पहुंच रहे हैं जो पहले घर के स्तर पर ही सुलझ जाते थे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-2b05dd1b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया प्रवास के दौरान राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह यादव ने समाज में तेजी से बदलते पारिवारिक स्वरूप और कमजोर पड़ते रिश्तों पर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में माता-पिता की उपेक्षा और पारिवारिक विवादों से जुड़े ऐसे प्रकरण भी आयोग के सामने आ रहे हैं, जिन्हें पूर्वकाल में घर के बुजुर्ग या समाज के गणमान्य लोग आपसी बातचीत से हल कर लेते थे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबच्चों की परवरिश के बाद भी बुजुर्गों को मिल रही अनदेखी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोग अध्यक्ष ने इस बात पर दुख जताया कि कई मामलों में बुजुर्ग माता-पिता खुद शिकायत लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं। उनका कहना होता है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बच्चों को पढ़ाने-लिखाने और उनकी परवरिश में लगा दी, लेकिन आज जब उन्हें सहारे की जरूरत है, तो औलाद उनकी देखभाल से कतरा रही है। पारिवारिक मूल्यों का इस प्रकार गिरना समाज के लिए एक बड़ा संकेत है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसर्किट हाउस में लोगों से भेंट और मीडिया से चर्चा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरविवार को ट्रेन के माध्यम से दतिया पहुंचे अवधेश प्रताप सिंह यादव का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया गया। वे सीधे सर्किट हाउस पहुंचे जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ यादव समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके पश्चात उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए मानव अधिकारों के संरक्षण और उनके दायरे पर विस्तार से अपनी बात रखी। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचर्चा के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज के हर वर्ग के समावेशी विकास और सशक्तिकरण के लिए मानव अधिकारों की रक्षा सबसे पहली शर्त है। प्रत्येक नागरिक को शिक्षा, चिकित्सा और जीवनयापन के साधन मिलने चाहिए, जिसमें शासन और प्रशासन की जवाबदेही तय होती है। जहाँ भी इस व्यवस्था में कमी पाई जाती है, आयोग स्वतः संज्ञान लेता है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयुवाओं को मानसिक प्रदूषण से बचाने की सख्त जरूरत Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकेवल भौतिक और प्राकृतिक पर्यावरण ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी आयोग अध्यक्ष ने फिक्र जताई। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया और अन्य आधुनिक माध्यमों की वजह से बच्चों और युवाओं का मानसिक तथा आत्मिक वातावरण दूषित हो रहा है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने अंत में अपील करते हुए कहा कि जिस प्रकार आने वाले कल के लिए प्राकृतिक पर्यावरण को बचाना जरूरी है, उसी प्रकार नई पीढ़ी को मानसिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना भी बेहद आवश्यक है। मानवाधिकारों की रक्षा केवल शासन या आयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की साझा नैतिक जिम्मेदारी है। Add text below Add image below