Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryटीएल बैठक में कलेक्टर के साथ हुए विवाद के बाद दतिया ग्रामीण के तहसीलदार रहे अमित दुबे का एक फेसबुक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। इस बहस के तुरंत बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने शायराना अंदाज में अपनी बात रखी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-1894dabd
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले में प्रशासनिक महकमे के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर के साथ तीखी बहस में उलझने वाले दतिया ग्रामीण के तत्कालीन तहसीलदार अमित दुबे का सोशल मीडिया पोस्ट अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ी तनातनी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना 17 अगस्त की है, जब आयोजित टीएल बैठक के दौरान फार्मर आईडी की पेंडेंसी को लेकर चर्चा हो रही थी। दतिया ग्रामीण इलाके में 500 से अधिक किसानों की फार्मर आईडी लंबित पाई गई थी। इसी पेंडेंसी को लेकर कलेक्टर ने तहसीलदार अमित दुबे से जवाब तलब किया था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक के दौरान तहसीलदार ने स्पष्ट किया था कि वे किसानों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं, इसलिए प्रत्येक किसान की पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही आईडी तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा था कि वे अपने तरीके से इस कार्य को पूरा करेंगे जिसमें थोड़ा समय लगेगा। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक से बाहर जाने के निर्देश और ट्रांसफर Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, जिसको लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस काफी बढ़ गई। बात इतनी बढ़ी कि कलेक्टर ने यहां तक कह दिया कि जो अधिकारी ठीक से काम नहीं करेंगे, ऐसे लोग उन्हें नहीं चाहिए और तहसीलदार को बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गर्मागर्मी के बाद तहसीलदार अमित दुबे ने अपना माइक बंद किया और बैठक कक्ष से बाहर चले गए। इस घटनाक्रम के ठीक अगले ही दिन प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें दतिया ग्रामीण तहसीलदार के पद से हटा दिया गया और उनकी नई पदस्थापना भांडेर में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के रूप में कर दी गई। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफेसबुक पर शेयर की शायरी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे घटनाक्रम और तबादले के बाद तहसीलदार अमित दुबे ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक का सहारा लिया। उन्होंने शायराना अंदाज में पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि 'मेरी बनती ही नहीं थी सरदार के साथ। इसीलिए फासला बढ़ गया दरबार के साथ।' Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि इस सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने प्रत्यक्ष तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इसे हालिया विवाद और तबादले से जोड़कर देखा जा रहा है। यह पोस्ट अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। Add text below Add image below