Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया एयरपोर्ट पर पीएम श्री एयर एम्बुलेंस की लचर व्यवस्था के चलते फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज को भारी परेशानी उठानी पड़ी। भोपाल पहुंचने में दो दिन और करीब 18 घंटे का लंबा समय लग गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-18-a58694cc
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगंभीर मरीज को एयरलिफ्ट करने में भारी हीलाहवाली Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया में स्वास्थ्य सेवाओं और एयर एम्बुलेंस संचालन की पोल खोलने वाला एक मामला सामने आया है। आईसीयू में भर्ती फेफड़ों के गंभीर रोगी बालकिशन कुशवाहा को दतिया से भोपाल एम्स तक पहुंचाने की प्रक्रिया में 18 घंटे से अधिक का समय बर्बाद हो गया। हैरानी की बात यह है कि सड़क मार्ग से यह दूरी 6 से 8 घंटे में तय की जा सकती थी, लेकिन एयर एम्बुलेंस की व्यवस्थाएं पटरी से उतरी नजर आईं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहले दिन अनुमति न मिलने से लौटाना पड़ा वापस Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतय कार्यक्रम के मुताबिक बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे हेलीकॉप्टर दतिया एयरपोर्ट पर पहुंचा था। हालांकि, भोपाल एयर ट्रैफिक कंट्रोल से समय पर एनओसी यानी अनुमति न मिलने के कारण मरीज को रनवे पर ही करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालात बिगड़ने पर शाम साढ़े छह बजे मजबूरन मरीज को वापस मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाना पड़ा। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरे दिन भी जारी रही मनमानी, होटल में आराम करते मिले पायलट Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरेशानी का सिलसिला यही नहीं थमा। अगले दिन गुरुवार सुबह लगभग नौ बजकर दस मिनट पर मरीज को दोबारा एयरपोर्ट लाया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर तो वहां मौजूद था, लेकिन फ्लाईओला कंपनी के पायलट और अन्य स्टाफ सदस्य होटल में आराम फरमाते पाए गए। करीब सवा घंटे के लंबे इंतजार के बाद सुबह दस बजकर इक्कीस मिनट पर मरीज को आखिरकार एयरलिफ्ट किया जा सका। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी घटना के संबंध में जब फ्लाईओला कंपनी के कोऑर्डिनेटर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने नेटवर्क खराब होने का बहाना बनाकर फोन काट दिया। वहीं, इस सेवा की नोडल अधिकारी मोनिका ने भी बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। Add text below Add image below