Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया विधानसभा उपचुनाव के साथ ही जिले की राजनीति एक नए अध्याय की ओर बढ़ रही है। आजादी के बाद यह दतिया विधानसभा का 17वां चुनाव होगा, जिसमें मतदाताओं की संख्या में 2200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-17-1a29c07b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया विधानसभा उपचुनाव के साथ ही जिले की सियासत एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह दतिया विधानसभा क्षेत्र का सत्रहवां चुनाव होगा, जो क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य को आकार देगा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचुनावी सफर: मतदाताओं की संख्या में बदलाव Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 1951 में, जब दतिया विंध्य प्रदेश का हिस्सा था, तब पहले विधानसभा चुनाव में केवल 9,421 मतदाता थे। अब, आगामी उपचुनाव में कुल 2,20,344 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह संख्या पहले चुनाव की तुलना में लगभग 2200 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया का राजनीतिक इतिहास और प्रमुख चेहरे Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया के राजनीतिक इतिहास पर गौर करें तो, भारती परिवार ने सर्वाधिक आठ बार विधानसभा चुनाव जीतकर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। यह परिवार लंबे समय तक दतिया की राजनीति में एक मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद, वर्ष 1990 में शंभू दयाल तिवारी ने पहली बार कमल खिलाकर पार्टी के लिए जीत का खाता खोला था। यह भाजपा के लिए दतिया में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त, डॉ. नरोत्तम मिश्रा तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं, जबकि राजपरिवार से संबंध रखने वाले कुंवर घनश्याम सिंह ने दो बार विधानसभा में दतिया का प्रतिनिधित्व किया है। इन नेताओं ने भी क्षेत्र की राजनीति में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअब सत्रहवें चुनाव के लिए दतिया की जनता एक बार फिर तैयार है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कौन सा राजनीतिक समीकरण नया इतिहास रचता है। Add text below Add image below