Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया शहर में गणेश विसर्जन का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से रात तक चले कार्यक्रमों के बीच करीब 170 बड़ी और 10 हजार से अधिक छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-10-6b2ed0f8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में मंगलवार को गणेश उत्सव का समापन पूर्ण आस्था, उल्लास और भावुक विदाई के साथ हुआ। शहर की सड़कों से लेकर प्रमुख तालाबों के घाटों तक सुबह से लेकर देर रात तक गणपति प्रतिमाओं के साथ श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभक्तों में दिखा गजब का उत्साह, सिर पर रखकर और रथों में सजाकर पहुंचे घाट Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगणेश प्रतिमाओं की विदाई के दौरान शहर में अनूठे दृश्य देखने को मिले। गाड़ी खाना क्षेत्र में स्थापित की गई गणपति प्रतिमा को श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ अपने सिर पर उठाकर विसर्जन घाट तक लेकर पहुंचे। इस दौरान मार्ग में लगातार गणपति के जयकारे गूंजते रहे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकुछ अन्य स्थानों पर प्रतिमाओं को बेहद आकर्षक रथों में सजाकर भव्य विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। युवाओं की टोलियां पारंपरिक ढोल-ताशों की थाप पर थिरकती हुई नजर आईं, जबकि महिलाएं और अन्य श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote14 सितंबर से शुरू हुआ था जिले में गणेशोत्सव Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस वर्ष जिले में गणेश उत्सव की शुरुआत 14 सितंबर से हुई थी। पंचांग की तिथियों में अंतर होने के कारण विभिन्न क्षेत्रों में उत्सव की अवधि और विसर्जन के दिन में कुछ भिन्नता देखने को मिली। पिछले नौ दिनों से शहर के गली-मोहल्लों और पंडालों में लगातार धार्मिक अनुष्ठान और पूजन का दौर चल रहा था। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविसर्जन के वक्त नम हुईं आंखें, गूंजे 'अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारे Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदिनभर चले उत्सव और उल्लास के बाद जब घाटों पर प्रतिमाओं को विसर्जित करने का समय आया, तो माहौल काफी भावुक हो गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भक्तों ने नम आंखों से भगवान गणेश को जल में प्रवाहित किया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअनेक श्रद्धालु विसर्जन के पश्चात भी काफी देर तक घाटों पर खड़े होकर बप्पा को निहारते रहे। इस दौरान पूरे परिसर में 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। Add text below Add image below