Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा नगर पालिका में महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। यहां निर्वाचित महिला पार्षदों के स्थान पर उनके परिजन और ठेकेदार शासकीय कुर्सियों पर बैठकर फाइलों का निपटारा करते नजर आ रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-88d844d5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा नगर पालिका परिषद में महिला सशक्तिकरण के दावों और प्रशासनिक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय निकायों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के शासकीय निर्देश केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि हकीकत में दफ्तरों पर पति, पुत्र और बिचौलियों का कब्जा बना हुआ है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआरक्षित चैंबर और कुर्सियों पर परिजनों का कब्जा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल ही में सामने आई एक पड़ताल के दौरान निकाय के भीतर शासकीय प्रोटोकॉल की अनदेखी का गंभीर मामला उजागर हुआ। वार्ड क्रमांक 5 से चुनी गईं पार्षद नारायणी मौर्य के पुत्र दिनेश मौर्य को प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) मेंबर के लिए आरक्षित चैंबर की मुख्य कुर्सी पर बैठा हुआ पाया गया। वह वहां बैठकर बेझिझक शासकीय फाइलों का अवलोकन कर रहे थे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसबसे हैरानी की बात यह रही कि नगर पालिका के जिम्मेदार इंजीनियर भी उसी कमरे में मौजूद थे और पार्षद पुत्र के बगल की कुर्सी पर बैठकर पूरी स्थिति को मौन स्वीकृति दे रहे थे। इसके बाद वही पार्षद पुत्र स्वच्छता विभाग के चैंबर में पहुंचकर एक बाबू की मुख्य कुर्सी पर बैठ गए और अपना रौब झाड़ते नजर आए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteठेकेदारों का भी शासकीय कुर्सियों पर दखल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह मनमानी केवल जनप्रतिनिधियों के परिजनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नगर पालिका में काम करने वाले ठेकेदार भी नियमों को ताक पर रख रहे हैं। जांच के दौरान ठेकेदार राजन सिंह उर्फ रजनू चौहान लोक निर्माण विभाग के चैंबर में पहुंचे और सीधे बाबू की मुख्य कुर्सी पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए पाए गए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनियमों और आदेशों का सीधा उल्लंघन Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराज्य शासन के नगरीय विकास विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी निकाय की बैठकों, कार्यालयों और शासकीय कार्यों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पति, पुत्र या अन्य परिजनों का हस्तक्षेप पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस तरह के अनधिकृत व्यक्तियों का शासकीय कुर्सियों पर बैठना सीधे तौर पर आदेशों का उल्लंघन माना जाता है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41 के तहत अपने संवैधानिक पदों और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए किसी गैर-प्राधिकृत व्यक्ति को प्रशासनिक कार्यों में दखल देने की अनुमति देना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। Add text below Add image below10Quote Paragraph Heading Subheading Quote“किसी भी जनप्रतिनिधि के पुत्र या पति का निकाय में अधिकारी एवं कर्मचारी की कुर्सी पर बैठना पूर्णतः अवैधानिक है। आपके द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है, जिसकी जांच करवाकर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।” — साक्षी वाजपेयी, सीएमओ, नगर पालिका, डबरा Add text below Add image below