Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा और टेकनपुर क्षेत्र में धान की फसल के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है, लेकिन ई-टोकन पोर्टल पर स्थानीय केंद्रों के नाम नहीं दिखने से किसानों को परेशानी हो रही है। इस बीच दुकानदारों पर तय कीमत से अधिक दाम वसूलने के आरोप भी लगाए गए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-875ecbef
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा और टेकनपुर अंचल में बारिश का दौर थमने के बाद अब खेतों में धान की फसल के लिए यूरिया खाद की मांग में तेजी आ गई है। इस बीच खाद वितरण के लिए बनाई गई ई-टोकन व्यवस्था अन्नदाताओं के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। पिछले चार-पांच दिनों से पोर्टल पर स्थानीय स्तर के शासकीय गोदाम और अधिकृत खाद दुकानों के विकल्प नजर नहीं आ रहे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपोर्टल पर स्थानीय केंद्रों के बजाय दूसरे जिलों के नाम Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों का कहना है कि ई-टोकन जनरेट करने के लिए जब वे पोर्टल खोलते हैं, तो वहां डबरा या टेकनपुर के बजाय ग्वालियर, इंदरगढ़ और दतिया की दुकानों के नाम प्रदर्शित हो रहे हैं। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण स्थानीय किसान असमंजस में हैं कि वे खाद प्राप्त करने के लिए आखिर किस केंद्र पर जाएं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteधान की फसल के लिए जरूरी है यूरिया का छिड़काव Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र के किसानों के अनुसार इस समय धान की फसल ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, जहां यूरिया का छिड़काव करना बेहद आवश्यक है। यदि खेतों को समय पर खाद नहीं मिल पाई, तो इसका सीधा असर फसल की कुल पैदावार पर पड़ेगा। पोर्टल पर टोकन नहीं मिलने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकालाबाजारी और महंगे दाम पर बेचने के आरोप Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतकनीकी समस्याओं के अलावा किसानों ने क्षेत्र में खाद की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि कुछ दुकानदार उनकी मजबूरी का गलत फायदा उठा रहे हैं और यूरिया को कथित तौर पर 350 से 400 रुपए प्रति बोरी तक के ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअन्नदाताओं ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि ई-टोकन पोर्टल की इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। साथ ही, क्षेत्र में यूरिया की आपूर्ति, उसकी निर्धारित दरों पर बिक्री और कथित कालाबाजारी की उच्च स्तरीय जांच हो ताकि किसानों को राहत मिल सके। Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteखाद वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और ई-टोकन जारी हो रहे हैं। यदि सर्वर की समस्या के कारण किसी किसान को परेशानी आ रही है, तो वह सीधे कृषि विभाग से संपर्क कर सकता है। उसकी समस्या का तत्काल समाधान कराया जाएगा। - भानुप्रताप घुरैया, एसडीओ, कृषि विभाग, डबरा Add text below Add image below