Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा और भितरवार अंचल में डेंगू की जांच की सुविधा न होने से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भितरवार में एक छह साल की बच्ची का हफ्ता भर वायरल का इलाज चलता रहा, और ग्वालियर में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-80a6d142
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा और भितरवार अंचल में डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर जांच की उचित व्यवस्था न होने के कारण मरीजों की जान पर बन आई है। ऐसा ही एक मामला भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया है, जहां समय पर बीमारी का सही पता न चलने से परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवायरल समझकर होता रहा इलाज, ग्वालियर में खुला राज Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभितरवार के वार्ड क्रमांक-4 निवासी इमरान खान की 6 साल की बेटी अलीमा को आठ दिन पहले बुखार आया था। परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने वायरल बुखार मानकर उसका इलाज शुरू कर दिया। लगातार सात दिन तक इलाज चलने के बावजूद जब बच्ची की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो आठवें दिन परिजन उसे ग्वालियर लेकर पहुंचे। वहां एक निजी लैब में खून की जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई, जिसके बाद से बच्ची का इलाज ग्वालियर के ही एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा के ये क्षेत्र हैं हाईरिस्क में Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा नगर पालिका क्षेत्र के अंबेडकर कॉलोनी, रामनिवास कॉलोनी, हनुमान गंज डाडा, सौंसा का चक, अमरपुरा, गोमतीपुरा, गौतम नगर, रामगढ़, दशमेश नगर, प्रीति कॉलोनी, शिक्षक कॉलोनी, कमलेश्वर कॉलोनी, पिछोर तिराहा, दर्शन कॉलोनी, बरोठा, सिमरिया ताल, दीदार कॉलोनी और लाल पहड़िया बरोठा जैसे इलाकों को संवेदनशील माना गया है। पिछले साल इन क्षेत्रों में डेंगू के 25 मामले सामने आए थे, जबकि इस वर्ष डांढ़ा क्षेत्र में एक केस मिल चुका है। इसके अलावा नगर पंचायत बिलौआ और पिछोर के सभी वार्ड संक्रमण जोन में आते हैं, जहां पिछले साल बिलौआ के वार्ड 7 और 12 में 3 केस और इस साल ग्राम सेकरा जागीर में 1 केस मिला था। ग्रामीण अंचलों में भेषनारी, चिरूली, शुक्लहारी, टेकनपुर, चितावनी, मिलघन और सभी आदिवासी दफाई क्षेत्रों में भी संक्रमण का खतरा अधिक है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक निर्देशों के बाद भी सफाई में कोताही Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा, भितरवार, पिछोर और बिलौआ नगर पालिकाओं को मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शहरों में अनुपयोगी कुएं, जलभराव वाले स्थान, खुले खाली प्लॉट और हैंडपंप के पास सोखता गड्ढों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने 29 मई को ही नगर पालिका को पत्र भेजकर जलभराव वाले स्थानों पर लार्वा पनपने की आशंका जताई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteपिछले कुछ दिनों से डेंगू के मरीज निकल रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों की हम किट के माध्यम से जांच कर रहे हैं। संदिग्ध लगने पर मरीज को ग्वालियर भेज रहे हैं। नगरपालिका को भी पत्र लिखकर दवा का छिड़काव करने के लिए कहा था। दोबारा रिमाइंडर पत्र भेज रहे हैं। - डॉ. आलोक त्यागी, बीएमओ, सिविल अस्पताल, डबरा Add text below Add image below