Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा के जंगीपुरा इलाके में लगातार बारिश के चलते दो मंजिला कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में मलबे में दबने से मां और उसके छोटे बेटे की जान चली गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-0d6a6478
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिले के डबरा में जंगीपुरा क्षेत्र के भीतर बुधवार की रात बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दो मंजिला कच्चे मकान की छत अचानक ढह गई, जिसकी चपेट में आकर अंदर सो रहा पूरा परिवार मलबे में दब गया। इस दुर्घटना में 33 वर्षीय महिला सीमा और उनके दो साल के बेटे आदित्य उर्फ गुन्नू की मौत हो गई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय लोगों और पुलिस ने मलबे से निकाला बाहर Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। कमरा पूरी तरह से ईंट, पत्थरों और मलबे से पट चुका था। घटना की सूचना मिलने पर सिटी पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी संजय शर्मा ने पुलिस बल और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मलबे में फंसे सभी लोगों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगंभीर रूप से घायल सीमा को शासकीय अस्पताल से एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, पिता जागे और दोनों बच्चियों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाते रास्ते में दो वर्षीय मासूम आदित्य ने भी दम तोड़ दिया, जिसके बाद उसका शव डबरा सिविल अस्पताल वापस लाया गया। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने अस्पताल पहुंचकर जमकर आक्रोश जताया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सही और बेहतर इलाज मिल जाता, तो शायद दोनों की जान बचाई जा सकती थी। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा और दिए जांच के निर्देश Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। एसडीएम ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद तहसीलदार को क्षेत्र में सभी जर्जर और खतरनाक मकानों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहादसे का शिकार हुआ परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। मकान मालिक के भाई राघवेंद्र रजक ने बताया कि पीड़ित पिता पिछले करीब 15 साल से इसी किराए के मकान में रह रहे थे और ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। गनीमत रही कि परिवार की दो अन्य बेटियां नैंसी और गौरी घटना के वक्त रिश्तेदार के घर पर थीं, जिससे वे सुरक्षित बच गईं। Add text below Add image below