Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) टीम ने डबरा के पिछोर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लिधौरा गांव में ग्राम पंचायत के सहायक सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी करने के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-eow-5-07a9442d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर अंचल के डबरा इलाके में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने एक और शिकंजा कसा है। पिछोर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लिधौरा गांव में एक पंचायतकर्मी को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों पकड़ा गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआवास योजना की किस्त के लिए मांग रहा था घूस Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूरे मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि लिधौरा निवासी कैलाश कुशवाहा का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था। इस योजना के तहत उन्हें दो किस्तें पहले ही मिल चुकी थीं, लेकिन जब तीसरी किस्त खाते में डलवानी थी, तो पंचायत के सहायक सचिव सोनू शर्मा ने रुकावट डालनी शुरू कर दी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतीसरी किस्त को जारी करने के ऐवज में आरोपी सहायक सचिव सोनू शर्मा ने प्रार्थी के बेटे अजय कुशवाहा से पांच हजार रुपए की अवैध रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद पीड़ित ने परेशान होकर जांच एजेंसी का दरवाजा खटखटाया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote31 जुलाई को EOW एसपी से की गई थी शिकायत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित अजय कुशवाहा ने हिम्मत जुटाते हुए गत 31 जुलाई को ग्वालियर EOW के पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर इस रिश्वतखोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। एजेंसी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोपी द्वारा घूस मांगने के साक्ष्य सही पाए गए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोप सही साबित होने के बाद EOW ने अपनी रणनीति तैयार की और जाल बिछाकर आरोपी को दबोचने की योजना बनाई। तयशुदा योजना के अनुसार ही कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकेमिकल परीक्षण में उजागर हुआ भ्रष्टाचार Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयोजना के मुताबिक जैसे ही शिकायतकर्ता अजय ने सहायक सचिव सोनू शर्मा को पांच हजार रुपए की रिश्वत सौंपी, वहां पहले से ही मुस्तैद EOW की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। इसके बाद जब आरोपी के हाथ पानी में धुलवाए गए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे नोटों पर लगाए गए केमिकल की पुष्टि हो गई। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी छापामार कार्रवाई को EOW के डीएसपी शैलेंद्र सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में लगभग 16 सदस्यों के दल ने सफलतापूर्वक पूरा किया। फिलहाल, आरोपी सहायक सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। Add text below Add image below