Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के डबरा में पुलिस ने दो दशक पुराने नकली नोट प्रकरण में फरार चल रहे एक बीएसएफ जवान को धर दबोचा है। आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचता फिर रहा था और उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-bsf-1834b77e
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नकली नोट के मामले में पिछले बीस साल से फरार चल रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक आरक्षक को दबोच लिया है। पुलिस को काफी समय से इस शख्स की तलाश थी और इसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 2004 में सामने आया था जाली करेंसी का मामला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपकड़े गए आरोपी की शिनाख्त अरविंद पुत्र बहादुर सिंह जाट के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम चुराली का रहने वाला है। घटना के वक्त वह बीएसएफ टेकनपुर की 78वीं बटालियन में अपनी सेवाएं दे रहा था। वर्ष 2004 में उसके पास से नकली नोट बरामद किए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली मशीन और भारी मात्रा में जाली मुद्रा भी जब्त की थी। इस प्रकरण में अन्य लोगों को भी सह-आरोपी बनाया गया था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसजा के बाद जेल से फरार होकर फरीदाबाद में बसा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने इस मामले में अरविंद को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। वह लगभग एक साल तक सलाखों के पीछे रहने के बाद फरार हो गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लंबी फरारी के दौरान वह हरियाणा के फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ तहसील में रहने लगा था। वहीं पर उसने दूसरा जीवन शुरू किया, शादी की और उसका एक सोलह साल का बेटा भी है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहाईकोर्ट की सख्ती और रिश्तेदारों से मिला सुराग Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल ही में उच्च न्यायालय ने इस पुराने मामले पर संज्ञान लेते हुए पुलिस से अब तक की गई जांच और प्रगति की रिपोर्ट तलब की थी। अदालत ने पूछा था कि दो दशक से फरार चल रहे व्यक्ति को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव ने डबरा सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा को विशेष निर्देश दिए। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और रिश्तेदारों के माध्यम से सूचना मिली कि अरविंद डबरा आने वाला है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस दल ने डबरा रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की। जैसे ही आरोपी ट्रेन से उतरकर स्टेशन पर आया, पुलिस ने उसे दबोच लिया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी संजय शर्मा के साथ प्रधान आरक्षक संजीव यादव, शिवशांत पांडे, विनोद रावत और आरक्षक बंटी पुरी तथा उदय सूरज की अहम भूमिका रही। Add text below Add image below