Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड के निराश्रित भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सीपीआर देने की सही प्रक्रिया समझाई। अचानक दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में शुरुआती मिनटों की महत्ता पर जोर दिया गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-cc0238ce
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविश्व हृदय दिवस के अवसर पर मंगलवार को भिंड शहर के निराश्रित भवन में एक विशेष सीपीआर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों को अचानक दिल की धड़कन रुकने की आपात स्थिति से निपटने के गुर सिखाए गए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहृदयाघात के शुरुआती क्षणों की भूमिका Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम में मौजूद चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र परिहार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल का दौरा पड़ने के बाद के शुरुआती कुछ मिनट मरीज की जिंदगी बचाने के लिहाज से बहुत अहम होते हैं। इस दौरान यदि समय पर सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो मरीज के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीपीआर देने की सटीक तकनीक अपनाएं Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. परिहार ने जानकारी दी कि अक्सर लोगों को सीपीआर देने की सही जानकारी नहीं होती है। उन्होंने बताया कि मरीज की छाती पर दबाव बनाते समय उसकी गति और सही स्थान का विशेष ख्याल रखना जरूरी है, अन्यथा पसली टूटने या अन्य चोट का खतरा रहता है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशिक्षण शिविर में बताया गया कि पीड़ित को किसी समतल सतह पर पीठ के बल लिटाया जाना चाहिए। इसके बाद दोनों हथेलियों को आपस में जोड़कर छाती के मध्य भाग में रखकर एक मिनट में लगभग 100 से 120 बार लगातार दबाव देने का अभ्यास कराया गया। जरूरत पड़ने पर छाती को 30 बार दबाने के पश्चात दो बार कृत्रिम सांस देने की प्रक्रिया समझाई गई। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल पहुंचने तक जारी रखें प्रयास Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों ने सलाह दी कि जब तक पेशेवर चिकित्सा सहायता या एम्बुलेंस न पहुंच जाए, तब तक सीपीआर देने की प्रक्रिया को रुकने नहीं देना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी पुतलों पर सीपीआर का व्यावहारिक अभ्यास किया और आपात स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाने का संकल्प लिया। Add text below Add image below