Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमिहोना नगर परिषद में अनुसूचित जाति वर्ग के तीन पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके वार्डों में पेयजल, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपेक्षा की जा रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-ad136267
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले की मिहोना नगर परिषद में गुटबाजी और भेदभाव के आरोप अब खुलकर सामने आ गए हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले तीन पार्षदों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिषद में उनके वार्डों की लगातार अनदेखी की जा रही है और विकास कार्यों में भेदभाव हो रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा का आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवार्ड क्रमांक 4, 11 और 15 के पार्षदों ने ज्ञापन में बताया कि उनके क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, सीवर और नाली जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है। इन समस्याओं को लेकर परिषद में कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवार्ड-15 के पार्षद राजेश शितोले, वार्ड-11 की रेनू बरसेना और वार्ड-4 की उषा दौहरे ने संयुक्त रूप से सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि नगर परिषद की बैठकों, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक फैसलों में उनके साथ पक्षपात किया जाता है। उनके सुझावों को अनसुना किया जाता है और विकास योजनाओं में उनके वार्डों को प्राथमिकता नहीं दी जाती। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवित्तीय अनियमितताओं की भी आशंका Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपार्षद राजेश शितोले ने विशेष रूप से पेयजल संकट की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में नल-जल योजना और बोरिंग के बावजूद लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वार्डवासी लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन परिषद में उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उनका आरोप है कि परिषद में केवल कुछ खास लोगों के वार्डों में ही विकास कार्य कराए जा रहे हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन में नगर परिषद के विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। पार्षदों ने मांग की है कि सभी विकास कार्यों और खर्चों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआरटीआई जानकारी न देने पर भी सवाल Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी भी उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे यह आशंका पैदा होती है कि तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर से आरटीआई की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने का अनुरोध किया है। Add text below Add image below