Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्यप्रदेश सरकार द्वारा आईएफएमएस पोर्टल के स्टॉक का भौतिक मिलान कराने के लिए खाद की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस निर्णय से भिंड के दो लाख से अधिक किसानों की खरीफ फसल प्रभावित हो सकती है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-715ef1a4
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड जिले में खाद की बिक्री अचानक थम जाने से अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृषि विकास विभाग द्वारा राज्यभर में उर्वरक के वितरण पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है, जिससे किसानों में असमंजस की स्थिति बन गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपोर्टल और वास्तविक स्टॉक का हो रहा मिलान Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशासन की ओर से यह कदम आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और गोदामों में मौजूद भौतिक स्टॉक में एकरूपता लाने के लिए उठाया गया है। कृषि विभाग के सचिव निशांत वरवड़े की ओर से गत 14 अगस्त को शाम सात बजे इस बाबत निर्देश जारी किए गए थे, जिसके बाद से सभी स्तरों पर बिक्री बंद है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजिले के 2.28 लाख किसानों की बढ़ी परेशानी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 2.28 लाख के करीब है। इस खरीफ सीजन में जिले में धान, बाजरा, ज्वार, मूंग, उड़द और तिल की खेती की जा रही है। इनमें अकेले धान की फसल करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लहलहा रही है, जिसे इस वक्त यूरिया और डीएपी की सख्त जरूरत है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान में सहकारी समितियों, विपणन संघ, एमपी एग्रो के साथ-साथ तमाम निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां भी ताले लटके हुए हैं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में भौतिक सत्यापन का कार्य जल्द से जल्द पूरा करें। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरबी की तैयारियों पर भी पड़ सकता है असर Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधान की फसल के अलावा किसान आगामी रबी सीजन की योजनाओं में भी जुट गए हैं। समय पर खाद न मिलने के कारण न केवल वर्तमान फसल की देखरेख प्रभावित हो रही है, बल्कि अगली बुवाई की तैयारियों को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि शासन का यह दावा है कि इस सत्र के लिए मांग के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब केवल पारदर्शिता और आंकड़ों के मिलान के लिए यह औपचारिकता पूरी की जा रही है, जिसके पूरा होने के बाद ही बिक्री के द्वार दोबारा खुलेंगे। Add text below Add image below