Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड में रावण के पुतले की खरीद को लेकर नगरपालिका के खर्च और निर्माता के बताए दामों में 35 हजार रुपये का अंतर मिला है। इस मामले में नगरपालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने भी पिछले साल के खर्चों का हवाला देते हुए वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-6524b31f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में विजयादशमी के पावन पर्व पर होने वाले रावण दहन से ठीक पहले पुतले की खरीदी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगरपालिका के आधिकारिक खर्च और भोपाल के निर्माता द्वारा बताई गई कीमत में पूरे 35 हजार रुपये का स्पष्ट अंतर सामने आया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्माता का दावा: 1.25 लाख में बिका पुतला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराजधानी भोपाल से भिंड भेजी गई 51 फीट ऊंची रावण की प्रतिमा के निर्माता विजय साहू ने मीडिया को जानकारी दी कि उन्होंने परिवहन खर्च समेत पूरा पुतला 1.25 लाख रुपये में बेचा है। उनके अनुसार इस राशि का पूरा भुगतान उन्हें नकद रूप में मिल चुका है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्माता ने बताया कि इस पुतले को तैयार करने में कागज के स्थान पर विशेष बांस, कपड़े और साड़ियों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि यह पूरी तरह वाटरप्रूफ रहे। इसके अलावा इसमें करीब 80 आतिशबाजी भी लगाई गई हैं। निर्माता के कम कीमत बताने के बाद अब इस सौदे की वास्तविक लागत और भुगतान की प्रक्रिया पर चर्चा शुरू हो गई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीएमओ की सफाई: समय की कमी से भोपाल से मंगाया Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, नगरपालिका के सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि इस बार रावण का पुतला बनवाने के लिए पहले से कोई अग्रिम आदेश नहीं दिया जा सका था। ऐन वक्त पर स्थानीय कलाकारों द्वारा पुतला तैयार करने से मना करने के कारण मजबूरी में इसे भोपाल से मंगवाना पड़ा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसीएमओ का तर्क है कि 51 फीट ऊंचे इस पुतले पर कुल 1.60 लाख रुपये का खर्च आया है। हालांकि, भोपाल के निर्माता के 1.25 लाख रुपये के दावे और नगरपालिका के रिकॉर्ड में दर्ज 1.60 लाख रुपये के बीच 35 हजार रुपये का स्पष्ट अंतर अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअध्यक्ष प्रतिनिधि ने उठाया पिछले साल के खर्च का मुद्दा Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस वित्तीय हेरफेर पर नगरपालिका अध्यक्ष वर्षा वाल्मीकि के प्रतिनिधि सुनील वाल्मीकि ने भी कड़ा एतराज़ जताया है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल लगभग 2.10 लाख रुपये के कुल बजट में रावण के साथ-साथ कुंभकरण और मेघनाद—तीनों के पुतले तैयार किए गए थे। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष केवल एक ही रावण का पुतला मंगाया गया है, और इसके बावजूद उस पर 1.60 लाख रुपये खर्च होना समझ से परे है। इसके अतिरिक्त, राजहोली क्षेत्र के स्थानीय कलाकार जो वर्षों से नगरपालिका के लिए पुतले बनाते आए थे, उन्हें इस बार नजरअंदाज किए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई है। Add text below Add image below