Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड स्थित गौरी तालाब के आसपास निर्माण कार्य का दायरा एनजीटी द्वारा घटाकर 50 मीटर कर दिया गया है। इसके बाद अब नगर पालिका क्षेत्र में नए सिरे से सर्वे करवाकर गंदे पानी की निकासी और भवनों की स्थिति की जांच करेगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-58fc6cff
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड शहर के मध्य स्थित गौरी तालाब को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसमें गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अपनी कार्ययोजना में बदलाव किया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी में चली सुनवाई के दौरान इस जल स्त्रोत के आसपास निर्माण कार्यों के लिए पहले तय किए गए 100 मीटर के प्रतिबंधित दायरे को अब संशोधित कर 50 मीटर कर दिया गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहले 100 मीटर के दायरे में मिले थे सैकड़ों निर्माण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व में एनजीटी के सख्त निर्देशों के बाद नगर पालिका ने गौरी तालाब के चारों तरफ 100 मीटर के दायरे का भौतिक सत्यापन करवाया था। उस शुरुआती सर्वे के दौरान करीब 786 मकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस दायरे की जद में चिन्हित किए गए थे। कई जगहों पर पालिका अमले द्वारा इमारतों पर निशान भी लगाए जा चुके थे, जिससे स्थानीय रहवासियों में अपनी संपत्तियों पर संभावित कार्रवाई को लेकर चिंता बनी हुई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनए सर्वे में भवनों के साथ परखी जाएगी सीवर व्यवस्था Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदायरे को आधा यानी 50 मीटर किए जाने के बाद अब नए सिरे से गणना की जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि संशोधित सीमा के भीतर वास्तविक तौर पर कितने भवन आ रहे हैं। इस बार के सर्वे का दायरा केवल दूरी मापने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि इन तमाम इमारतों से निकलने वाला सीवर और घरेलू गंदा पानी किन रास्तों से होकर तालाब तक पहुंच रहा है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगंदा पानी सीधे तालाब में डालने वालों पर होगी कार्रवाई Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि सर्वे के दौरान यदि किसी भी निर्माण स्थल का गंदा पानी सीधे या नालियों के माध्यम से गौरी तालाब में गिरता हुआ पाया जाता है, तो उसकी निकासी को तुरंत बंद कराया जाएगा। तालाब को प्रदूषित होने से बचाने के लिए उन तमाम नालों को भी चिन्हित किया जा रहा है जिनका गंदा पानी इस मुख्य जल स्त्रोत में समा रहा है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र चक्रवर्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि एनजीटी के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। नए दिशानिर्देशों के तहत सर्वे का काम पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि 50 मीटर के दायरे में कुल कितने भवन आ रहे हैं और उन पर नियमानुसार क्या कदम उठाए जाने हैं। फिलहाल पूरा जोर तालाब में गिरने वाले दूषित पानी के रास्तों को स्थाई रूप से रोकने पर है। Add text below Add image below