Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में लकड़ी परिवहन के लिए मिलने वाली टीपी को लेकर वन विभाग के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एसडीओ ने रेंजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि रेंजर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-1beeb51d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में वन विभाग के भीतर प्रशासनिक कलह खुलकर सामने आ गई है। लकड़ी के परिवहन के लिए जारी होने वाली टीपी (ट्रांजिट परमिट) को लेकर वरिष्ठ और अधीनस्थ अधिकारियों के बीच ठन गई है। मामले में उपवनमंडल अधिकारी ने एक महिला वन परिक्षेत्र अधिकारी के खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगोरमी शिविर में उठा था मामला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा विवाद बीते 7 अगस्त को गोरमी में आयोजित मुख्यमंत्री जन विकास शिविर के दौरान सामने आया। शिविर में जब किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा था, तब वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे। इसके बाद एसडीओ रामकुमार ने भिंड सामान्य वन मंडल के डीएफओ और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सीसीएफ को पत्र लिखकर रेंजर कृतिका शुक्ला के विरुद्ध विभागीय जांच की मांग की। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों पर दबाव और राजस्व हानि के आरोप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीओ द्वारा की गई शिकायत में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि किसानों के खेतों में फसल कटाई के बाद लकड़ी के परिवहन के वास्ते टीपी जारी करने के एवज में अनुचित दबाव बनाया जा रहा है और अवैध राशि ली जा रही है। शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि टीपी कम जारी होने की वजह से विभाग के राजस्व संग्रह पर बुरा असर पड़ा है और शासन को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत में यह भी कहा गया है कि रेंजर के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। एसडीओ ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने की बात कहकर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है, और उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर नियमसंगत कार्रवाई की मांग उठाई है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीओ ने बताई अभद्रता, रेंजर ने नकारा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीओ फोरेस्ट रामकुमार का कहना है कि महिला अधिकारी होने का अनुचित लाभ लेकर झूठी शिकायतें करने की धमकियां दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को गोरमी शिविर में व्यवस्थाओं को लेकर जब पूछताछ की गई, तब उनके साथ अभद्रता की गई। उनके मुताबिक पूर्व में तैनात रहे एसडीओ फोरेस्ट के साथ भी ऐसा ही रवैया अपनाया गया था। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, वन परिक्षेत्र अधिकारी कृतिका शुक्ला ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि शिविर के वक्त किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ था। उस दौरान कलेक्टर और अन्य अमला भी मौजूद था और यदि कोई घटना होती तो वहां मौजूद स्टाफ उसकी पुष्टि करता। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें डराने के लिए और एससी-एसटी एक्ट के तहत फंसाने की धमकी देने के लिए यह सब किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि शिविर 7 अगस्त को था जबकि उनके विरुद्ध शिकायत 11 अगस्त को दर्ज कराई गई, और जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीसीएफ ने दिए जांच के निर्देश Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए सीसीएफ लवित भारती ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों से रिपोर्ट तलब की गई है और भिंड डीएफओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट हाथ आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। Add text below Add image below