Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryनेशनल हाईवे-552 पर उमरी के पास तीन किलोमीटर के दायरे में दूसरा टोल बूथ बनाए जाने का ग्रामीण विरोध कर रहे थे। स्थानीय लोगों के आक्रोश और अधिकारियों को दिए गए ज्ञापनों के बाद आखिरकार इस निर्माण को हटा लिया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-16826ab9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteउमरी में प्रस्तावित था दूसरा टोल बूथ Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिण्ड जिले के नेशनल हाईवे-552 पर उमरी कस्बे के समीप करीब तीन किलोमीटर की दूरी के भीतर बनाए जा रहे नए टोल बूथ को आखिरकार हटा दिया गया है। स्थानीय स्तर पर लगातार बढ़ रहे विरोध को देखते हुए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीआरडीसी) और टोल संचालन करने वाली एजेंसी को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। इस कार्रवाई के बाद अब उमरी क्षेत्र में केवल एक ही स्थान पर टोल व्यवस्था प्रभावी रहेगी। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों और चालकों में था भारी आक्रोश Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब उमरी और अकोड़ा के बीच पहले से संचालित टोल प्लाजा के पास ही, कस्बे की दूसरी ओर महज तीन किलोमीटर की दूरी पर एक और बूथ का निर्माण तेजी से शुरू किया गया। निर्माण कार्य की भनक लगते ही ग्रामीणों और वाहन चालकों ने लामबंद होकर इसका विरोध करना शुरू कर दिया था। उमरी सरपंच वीरेंद्र यादव समेत कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस दोहरी व्यवस्था का पुरजोर विरोध जताया। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस बूथ को तत्काल हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट तर्क था कि इतनी कम दूरी पर दूसरा टोल बूथ स्थापित होने से स्थानीय किसानों और वाहन चालकों की जेब पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा। लोगों ने चेतावनी दी थी कि यदि यह बूथ चालू हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएजेंसी ने दिया था राजस्व घाटे का हवाला Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, एमपीआरडीसी के अधिकारियों का पक्ष था कि लहार की तरफ से आने वाले तमाम वाहन उमरी-अकोड़ा मुख्य टोल से नहीं गुजरते हैं। ये वाहन कनावर के रास्ते सीधे उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे टोल संचालन एजेंसी को प्रतिदिन राजस्व का घाटा उठाना पड़ रहा था। इसी नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने के वास्ते नया बूथ तैयार किया जा रहा था। हालांकि, अधिकारियों का यह भी दावा था कि एक ही यात्रा के दौरान किसी भी वाहन चालक से दो बार टोल टैक्स नहीं वसूला जाता। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतमाम तर्कों और आपत्तियों के बीच जब जनता का विरोध थमता नहीं दिखा, तो प्रशासन और एजेंसी ने इस निर्माण को हटाने का निर्णय लिया। बूथ हटने से उमरी इलाके में दो जगहों पर टैक्स वसूली की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय को जनहित के विरोध की सफलता के रूप में देखा है। Add text below Add image below