Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड में एक मरीज की मौत के बाद दो नियमित और चार संविदा नर्सिंग अफसरों पर की गई कार्रवाई का एसोसिएशन ने विरोध किया है। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर स्टाफ की भारी कमी और संसाधनों के अभाव का मुद्दा उठाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-0375f17d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिला चिकित्सालय में एक 17 वर्षीय मरीज की मौत के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में नर्सिंग एसोसिएशन ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने इस पूरी कार्रवाई को एकतरफा और न्यायसंगत नहीं बताया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनियमित और संविदा कर्मियों पर की गई है गाज Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में एक किशोर मरीज की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो नियमित नर्सिंग अफसरों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही एनएचएम के तहत कार्यरत चार संविदा नर्सिंग अफसरों की सेवा समाप्त करने के लिए भोपाल कार्यालय को पत्र प्रेषित किया गया है। इस दंडात्मक कार्रवाई से नाराज नर्सिंग कर्मियों ने कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर एलके पांडेय को ज्ञापन सौंपा और अपनी बात रखी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसोसिएशन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गत 4 सितंबर को 17 वर्षीय जानवी तोमर को तेज बुखार के चलते जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर से महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उस समय उस वार्ड में लगभग 150 मरीज भर्ती थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote150 मरीजों पर केवल दो स्टाफ की तैनाती Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि 8 सितंबर को मरीज के वार्ड में नहीं मिलने पर इसकी प्रविष्टि फाइल में कर दी गई थी। बाद में परिजनों द्वारा मरीज की निजी अस्पताल में मौत होने की सूचना दी गई। एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि वार्ड में मरीजों की संख्या बहुत अधिक है और इसके मुकाबले कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन में बताया गया कि पूर्व में दो महिला वार्डों में कुल 12 नर्सिंग अफसर तैनात थे, जिनकी संख्या घटकर अब मात्र छह रह गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि एक शिफ्ट में डेढ़ सौ से अधिक मरीजों की देखभाल के लिए केवल दो ही नर्सिंग कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे कामकाज पर भारी दबाव रहता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में संसाधनों और सुरक्षा का अभाव Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनर्सिंग कर्मियों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल नर्सिंग स्टाफ को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। वार्डों में जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कमी है, ऑक्सीजन लाइन सुचारू नहीं है और कन्संट्रेटर भी खराब पड़े हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसोसिएशन ने मांग की है कि वार्डों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए तथा नर्सिंग स्टाफ पर की गई दंडात्मक कार्रवाई की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाए, ताकि कर्मचारियों को उचित न्याय मिल सके। Add text below Add image below