Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में पांच साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में स्थानीय अदालत ने आरोपी को प्राकृतिक जीवन के शेष काल तक के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 17 गवाहों और डीएनए रिपोर्ट को अदालत ने सजा का मुख्य आधार बनाया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-9-2300c924
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले से न्याय की एक अहम खबर सामने आई है। यहां की एक अदालत ने लगभग पांच साल पुराने गंभीर अपराध के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को ताउम्र जेल में रहने की सजा दी है। मामला नौ साल की एक मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ कुकर्म करने से जुड़ा हुआ है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाल 2021 में दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना का विवरण देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि 13 मई 2021 को रावतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक स्थानीय निवासी ने अपनी नौ वर्षीय भतीजी के अचानक गायब हो जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने फौरन अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी थी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस ने तकनीकी मदद और तलाश के बाद पीड़ित बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बच्ची के बयान दर्ज कराए गए, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडीएनए जांच और गवाहों के बयान बने पुख्ता सबूत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत में मुकदमा चलने के दौरान अभियोजन ने वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को मजबूती से रखा। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 17 गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया गया जिनके बयान दर्ज हुए। इसके अलावा आरोपी और पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण के बाद डीएनए सैंपल लिए गए थे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामने आई डीएनए जांच रिपोर्ट में मिले साक्ष्य अभियोजन के दावों से पूरी तरह मेल खाते पाए गए। न्यायालय ने इन वैज्ञानिक प्रमाणों और गवाहों की गवाही को आधार बनाते हुए आरोपी करू उर्फ राघव गुर्जर, जो कि मुरैना जिले के गंगाराम का पुरा डोडरी का रहने वाला है, को दोषी करार दिया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत सजा Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतृतीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(1)/6 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत दोषी माना। अदालत ने आरोपी को उसके प्राकृतिक जीवन के शेष पूरे समय के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत कुल 13 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इस पूरे प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक हेमलता आर्य द्वारा की गई, जिन्होंने अदालत में प्रभावी रूप से पक्ष रखा। Add text below Add image below