Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड में पत्रकारों से चर्चा के दौरान यूजीसी आंदोलन से जुड़े हर्ष दुबे ने सरकार पर समाज को जातियों में बांटने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आश्वासन से काम नहीं चलेगा, अब इस कानून को पूरी तरह वापस लेने का लिखित निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-25-f2b5bbaf
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड में पत्रकारों से बोले आंदोलन से जुड़े नेता Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुरुवार को भिंड के बायपास रोड स्थित जगदीश मैरिज गार्डन में यूजीसी रोल बैक आंदोलन से जुड़े हर्ष दुबे ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए देश को जातियों में बांटने का आरोप लगाया। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआश्वासन के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहर्ष दुबे ने कहा कि जब पहले यूजीसी रोल बैक आंदोलन चलाया गया था, तब सरकार ने इस विषय पर विचार कर दोबारा समीक्षा करने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, इतने दिन बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे सरकार अपने वादे से मुकरती नजर आ रही है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote25 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसरकार के रुख से नाराज सवर्ण समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। आगामी 25 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचेंगे। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअब सिर्फ आश्वासन नहीं, फैसले पर अड़े लोग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल मौखिक आश्वासनों पर बात नहीं होगी। सरकार जब तक इस कानून को लेकर लिखित और स्पष्ट निर्णय नहीं देती, तब तक यह विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह नियम युवाओं के भविष्य के लिए बेहद घातक है और कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहा है। Add text below Add image below