Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के गोहद क्षेत्र में भारी बारिश और आंधी-तूफान के बीच 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। एमपी ट्रांसको की टीम ने करीब 145 किलोमीटर हिस्से की पेट्रोलिंग कर बिरखाड़ी गांव के पास फॉلت को ढूंढ निकाला और लगातार प्रयास के बाद इसे दुरुस्त कर दिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-220-67-ad647227
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की तकनीकी टीम ने भिंड जिले की गोहद तहसील के बिरखाड़ी गांव के पास 220 केवी ग्वालियर-औरैया इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन के फॉल्ट को 67 घंटे की कठिन मेहनत के बाद ठीक कर लिया है। यह फॉल्ट क्षेत्र में हुई भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान के दौरान आया था, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote145 किलोमीटर लंबी लाइन की करनी पड़ी पेट्रोलिंग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउत्तर प्रदेश के औरैया स्थित पीजीसीआईएल सबस्टेशन से ग्वालियर तक आने वाली इस 220 केवी लाइन का रखरखाव एमपी ट्रांसको द्वारा किया जाता है। आंधी-बारिश के बाद जब लाइन में बड़ा ब्रेकडाउन हुआ, तो खराबी का सटीक स्थान तुरंत सामने नहीं आ सका। इसके बाद तकनीकी अमले ने लगभग 145 किलोमीटर लंबे पूरे रूट पर सघन पेट्रोलिंग अभियान चलाया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविस्तृत जांच के दौरान बिरखाड़ी गांव के समीप दो टावरों में खराबी का पता चला। जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों टावरों के डिस्क इंसुलेटर और हार्डवेयर क्षतिग्रस्त हो चुके थे और इसके साथ ही मिड-स्पान जॉइंट भी फेल पाया गया था। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकीचड़ और धान के खेतों के बीच पहुंचाई निर्माण सामग्री Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमरम्मत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि फॉल्ट वाला स्थल खेतों के बीच स्थित था। लगातार बारिश की वजह से खेतों में कीचड़ भरा हुआ था और आसपास धान की फसल खड़ी थी। ऐसे में भारी उपकरणों और जरूरी सामग्री को टावर तक पहुंचाना टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिकूल मौसम और कठिनाइयों के बावजूद कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और सभी जरूरी सामान मौके पर पहुंचाया। इसके बाद लगभग 45 मीटर की ऊंचाई पर चढ़कर टीम ने क्षतिग्रस्त इंसुलेटर और हार्डवेयर बदलने का काम शुरू किया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों की निगरानी में पूरा हुआ सुधार कार्य Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा अभियान मुख्य अभियंता (अति उच्च दाब मेंटेनेंस) डीके अग्रवाल के मार्गदर्शन और ग्वालियर के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा की देखरेख में चलाया गया। सहायक अभियंता बैद्यनाथ भट्टाचार्य और लाइन मेंटेनेंस कर्मी कमल सिंह सहित पूरी टीम ने लगातार 67 घंटे तक डटे रहकर काम किया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों ने ओपीजीडब्ल्यू और कंडक्टर को नीचे उतारकर मिड-स्पान जॉइंट की बेहतरीन तरीके से मरम्मत की। सभी तकनीकी परीक्षणों को सफलताપૂર્वક पूरा करने के बाद लाइन को अंततः दोबारा चार्ज कर दिया गया। Add text below Add image below11Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमालनपुर और मेहगांव सबस्टेशनों को मिलती है बिजली Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआपको बता दें कि ग्वालियर-औरैया 220 केवी लाइन के दोनों सर्किटों के जरिए मालनपुर और मेहगांव के 220 केवी सबस्टेशनों को लगभग 200-200 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती है। इन दोनों सबस्टेशनों से औद्योगिक इकाइयों, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाई जाती है। लाइन के ठीक होने के बाद अब इन सभी क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो गई है। Add text below Add image below