Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद चारों दोषियों को लंबी सजा और भारी जुर्माने से दंडित किया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-12-12-068f046f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के मालनपुर क्षेत्र में पुलिस द्वारा पकड़ी गई अवैध मादक पदार्थों की खेप के मामले में स्थानीय न्यायालय ने अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में संलिप्त पाए गए चारों आरोपियों को दोषी ठहराया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसआरएफ तिराहे पर पकड़ी गई थी भारी खेप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअभियोजन पक्ष की जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 15 दिसंबर 2024 को मालनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसआरएफ तिराहे के पास की गई थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध ट्रक (क्रमांक RJ-11/GA-6033) को रोककर उसकी गहन तलाशी ली थी। दोपहर 12 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच चली इस कार्रवाई में वाहन के भीतर से कुल 141.455 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था, जिसे बिना किसी वैध लाइसेंस के गैरकानूनी तरीके से परिवहन किया जा रहा था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवाहन स्वामी समेत अन्य आरोपी पाए गए दोषी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस जांच के दौरान वाहन के मालिकाना हक को लेकर भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला कि हालांकि नवंबर 2024 में ट्रक के विक्रय का एक अनुबंध जरूर हुआ था, लेकिन परिवहन विभाग (RTO) के रिकॉर्ड में इसका विधिवत नामांतरण नहीं हो पाया था। पुलिस ने बिक्री से जुड़े मूल अनुबंध को भी जब्त किया था। जांच के आधार पर घटना के वक्त ट्रक का वास्तविक नियंत्रण और स्वामित्व श्यामलाल राजपूत के पास होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने श्यामलाल राजपूत, करतार सिंह, किशनलाल, सुनील यादव और भोलाराम के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रथम अपराधी होने की दलील नहीं आई काम Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठे मुकदमे में फंसाए जाने का दावा किया था। वहीं दूसरी ओर, बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनके मुवक्किल पहली बार अपराधी बने हैं, इसलिए उन्हें सजा में रियायत दी जानी चाहिए। हालांकि, पीठासीन अधिकारी ने जब्त किए गए मादक पदार्थ की भारी मात्रा और इस प्रकार के अपराधों का समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का हवाला देते हुए नरमी बरतने से साफ इनकार कर दिया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ट्रक मालिक श्यामलाल राजपूत, करतार सिंह, किशनलाल और सुनील यादव को दोषी करार दिया। प्रत्येक दोषी को 12-12 साल के कठोर सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही न्यायालय ने सभी पर 2-2 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। Add text below Add image below