Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को अशोकनगर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी पार्क से शुरू हुआ यह पैदल मार्च निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचा जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-fedb7ab7
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर में बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और इसे लेकर नाराजगी जाहिर की। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगांधी पार्क से निर्वाचन कार्यालय तक निकला मार्च Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन की शुरुआत शहर के गांधी पार्क से हुई। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में तमाम कांग्रेसी कार्यकर्ता वहां एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल ही निर्वाचन कार्यालय की तरफ आगे बढ़े। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote14 औपचारिक आपत्तियों का दिया गया हवाला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यालय पहुंचकर सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग की कार्यप्रणाली और फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन आपत्तियों के दायरे में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाए जाने व बहाल करने की प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव तथा आईटी व मतदाता सूची से जुड़े सिस्टम का संचालन जैसे अहम विषय शामिल बताए गए हैं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपार्टी नेताओं का कहना था कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और सूची से नाम हटाने जैसे संवेदनशील फैसलों की पूर्ण जानकारी दोनों निर्वाचन आयुक्तों को नहीं दी गई। इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग और निर्वाचन आयोग का पक्ष Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पार्टी नेता राहुल गांधी पहले भी निर्वाचन आयोग के कामकाज और कथित वोट चोरी के मामलों को लेकर आवाज उठा चुके हैं। कांग्रेस ने देश के राष्ट्रपति से इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप करने तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी तरफ, निर्वाचन आयोग की ओर से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि एसआईआर सहित आयोग के सभी महत्वपूर्ण निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की आपसी सहमति और मंजूरी के बाद ही लिए गए हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस विरोध प्रदर्शन और मार्च के दौरान विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय सहित भारी संख्या में कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। Add text below Add image below