Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के चंदेरी में सरकारी नौकरी के नाम पर चार युवकों से नौ लाख से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। भोपाल की रहने वाली मुख्य आरोपी खुद को कभी आईएएस तो कभी टूरिज्म विभाग की अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेती थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-7f3732a6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में सरकारी नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने भोपाल की रहने वाली मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ती थी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशानो-शौकत और फर्जी दस्तावेजों से दिखाती थी रसूख Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में सामने आया है कि आरोपी महिला अपने रसूख को साबित करने के लिए लग्जरी जीवनशैली का दिखावा करती थी। वह किराए की इनोवा गाड़ी पर भारत सरकार की नेम प्लेट लगाकर चलती थी। इसके अलावा उसके पास से सीबीआई अधिकारी का एक कथित फर्जी पहचान पत्र, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के फर्जी लेटरहेड और अन्य जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोपी महिला कभी खुद को आईएएस अधिकारी, कभी मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर तो कभी मानव संसाधन विकास मंत्रालय की हेड बताती थी। महंगे होटलों में रुकना और वीआईपी की तरह रहना उसके ठगी के जाल का मुख्य हिस्सा था। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिला कोठी में की थी ठगी की साजिश Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस के अनुसार, पिछले साल 7 अप्रैल 2025 को तृप्ति सिंह अपने भाई सुधांशु सिंह राजपूत और साथियों तनुज बैश्य व अंजलि सिंह के साथ चंदेरी पहुंची थी। सभी आरोपी स्थानीय किला कोठी में ठहरे थे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी दौरान उनकी मुलाकात चंदेरी के स्थानीय युवकों जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी से हुई। आरोपियों ने इन युवकों को मंत्रालय में अच्छी सैलरी वाली सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और विश्वास में लेकर प्रक्रिया शुरू की। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनौ लाख अस्सी हजार रुपए की नकदी ऐंठी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteठगों ने प्रत्येक उम्मीदवार से लगभग 3 लाख रुपए की मांग की थी। सरकारी नौकरी की उम्मीद में इन चार युवकों ने कुल 9 लाख 80 हजार रुपए नकद आरोपियों को सौंप दिए। इसके साथ ही नौकरी से जुड़े उनके मूल दस्तावेज भी ले लिए गए। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरकम मिलने के बाद जब काफी समय तक नौकरी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और न ही कोई नियुक्ति पत्र मिला, तो पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू की और अब मुख्य आरोपी को दबोच लिया गया है। Add text below Add image below