Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के ईसागढ़ तहसील अंतर्गत ढाकोनी गांव में स्थित मां हरसिद्धि का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा केंद्र है। तालाब के किनारे बसे इस करीब चार सदी पुराने मंदिर की अपनी ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताएं हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-400-51b9becf
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteधार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ढाकोनी में तालाब के तट पर मां हरसिद्धि का प्राचीन मंदिर स्थित है। यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए केवल भक्ति का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। करीब चार सौ वर्ष पुराने इस मंदिर में सालभर भक्तों का तांता लगा रहता है और दूर-दराज से लोग यहां पहुंचते हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteउज्जैन के बाद ढाकोनी में है मां हरसिद्धि का प्रमुख प्राचीन मंदिर Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय मान्यताओं के अनुसार, देश भर में मां हरसिद्धि के मुख्य प्राचीन मंदिरों में एक उज्जैन में है और दूसरा अशोकनगर के ढाकोनी में स्थित है। जलस्त्रोत के समीप स्थित होने के कारण यहां का वातावरण बेहद शांत और मनमोहक रहता है। भक्तजन माता के दर्शन करने के बाद यहां परिवार संग कुछ पल सुकून के बिताते हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteछुट्टियों में बनता है पिकनिक स्पॉट और बंदरों की मौजूदगी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअवकाश के दिनों में आसपास के इलाकों से लोग यहां पिकनिक मनाने भी पहुंचते हैं। इस मंदिर परिसर की एक और खास विशेषता यहां रहने वाले बंदरों की बड़ी संख्या है। दर्शनार्थियों के हाथों में खाने-पीने का सामान या प्रसाद देखते ही बंदर पास आ जाते हैं, जिसके चलते श्रद्धालुओं को अपनी सामग्री संभालकर रखनी पड़ती है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजा नल के इतिहास से जुड़ी है मंदिर की गाथा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्राचीन मंदिर का नाता पौराणिक इतिहास से भी जुड़ा बताया जाता है। क्षेत्र के लोगों का विश्वास है कि जब राजा नल पर संकट आया था और वे अपने राज्य नरवर को छोड़कर चंदेरी की तरफ जा रहे थे, तब उन्होंने ढाकोनी में ही विश्राम किया था। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व समेटे यह मंदिर आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष आदर का केंद्र बना हुआ है। Add text below Add image below