Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले की मुंगावली अदालत ने 17 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में फैसला सुनाया है। अदालत ने 15 साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा दी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-17-6715a771
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के मुंगावली न्यायालय ने न्याय का एक लंबा सफर तय करते हुए 17 साल पुराने हत्या और लूट से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। खास बात यह है कि यह आरोपी वारदात के बाद से ही लंबे समय तक कानून की पकड़ से दूर रहा था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था 2009 का पूरा मामला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरी घटना 14 मार्च 2009 की है, जब मुंगावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तारई चक्क स्थित पिपरई रोड घाटी पुलिया के समीप एक व्यापारी को निशाना बनाया गया था। यहां अज्ञात बदमाशों ने कारोबारी सुधीर सर्राफ की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। अपराधियों का मकसद केवल कत्ल करना नहीं था, बल्कि वे उनके पास मौजूद नकदी से भरा बैग भी लूटकर फरार हो गए थे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद मामले की तफ्तीश शुरू की गई और सबूत जुटाए गए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमार्च 2024 में पुलिस के हत्थे चढ़ा था आरोपी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस वारदात को अंजाम देने के बाद शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़रौली निवासी रामपाल पुत्र ओमनरेश भदौरिया पुलिस की गिरफ्त से बचकर भूमिगत हो गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह लगभग 15 साल तक फरार रहा। न्यायालय द्वारा उसके नाम स्थायी वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे 19 मार्च 2024 को धर दबोचा और अदालत में पेश किया था। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने सुनाई अलग-अलग धाराओं में सजा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगिरफ्तारी के बाद अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी रामपाल को हत्या के जुर्म में उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और उस पर पांच हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त, लूट के मामले में उसे 10 वर्ष का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। वहीं, आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज तीन अलग-अलग प्रकरणों में भी उसे तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया है। Add text below Add image below